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कार्तिक कृष्ण द्वादशी

भक्तिरस – BhaktiRas

जय जय आरती आदि जिणंदा

Jay Jay Aarti Aadi Jinanda – Lyrics in Hindi

आरती अपडेट:

जय जय आरती आदि जिणंदा – लिरिक्स

पाठ

जय जय आरती आदि जिणंदा,
नाभिराया मरूदेवीको नंदा. जय

पहेली आरती पूजा कीजे,
नरभव पामीने ल्हावो लीजे. जय

दूसरी आरती दीन दयाळा,
धुळेवा मंडपमां जग अजवाळा. जय

तीसरी आरती त्रिभुवन देवा,
सुरनर इन्द्र करे तोरी सेवा. जय

चोथी आरती चउगति चूरे,
मनवांछित फळ शिवसुख पूरे. जय

पंचमी आरती पुण्य उपाया,
मूळचंदे ऋषभ गुण गाया. जय

स्रोत / लेखक: राजेंद्र जैन जी

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