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कार्तिक कृष्ण द्वादशी

भक्तिरस – BhaktiRas

होके मूसे पे सवार

Hoke Muse Pe Swar – Lyrics in Hindi

गणेश जी अपडेट:
होके मूसे पे सवार

होके मूसे पे सवार – लिरिक्स

पाठ

करने भगतो का उधार होके मुसे पे सवार
गजानन घर घर जावे से
भरके झोली खुशिया से देवा दिख लावे से

सब देवो में सब से पेहले भगवन तुम्हे मनावे
घने प्रेम से मोदक लड्डू भगवन तुम्हे चडावे महिमा मिलके गावे से
भर के झोली खुशिया से देवा दिखलावे से

मिया तुम्हरी गोरा देखो लाड प्यार बरसावे
पिता तुम्हारे भोले शंकर देखो जान लुटावे
भर के झोली खुशिया से देवा दिखलावे से

दर पे जो भी आवे इनके मुह माँगा फल पावे
रोता रोता आवे दर पे हस्ता हस्ता जावे अपने कष्ट मिटावे से
भर के झोली खुशिया से देवा दिखलावे से

सुख करता दुःख हरता देखो गणपति जी कहलावे
विघन विनायक भगवन देखो इस जग में कहलावे
शत शत शीश जुकावे से
भर के झोली खुशिया से देवा दिखलावे से

स्रोत / लेखक: पारंपरिक · Claim credit

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