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कार्तिक कृष्ण द्वादशी

भक्तिरस – BhaktiRas

गुरु बिना ज्ञान मिले कोनी

Guru Bina Gyan Mile Koni – Lyrics in Hindi

गुरुदेव अपडेट:

गुरु बिना ज्ञान मिले कोनी – लिरिक्स

पाठ

भटक्या से राम मिले कोनी, गुरु बिना ज्ञान मिले कोनी…..

कागज़ हो तो बांच सुना दू, कागज़ हो तो बांच सुना दू,
म्हारे मंनडेरी बात बतई कोनी, गुरु बिना ज्ञान मिले कोनी……

चूले की आग होतो पानी से भुजा दू, चूले की आग होतो पानी से भुजा दू,
म्हारे कालजेरी आग भुजे कोनी, गुरु बिना ज्ञान मिले कोनी……

गहरी गहरी नदिया नांव पुरानी, गहरी गहरी नदिया नांव पुरानी,
म्हारे नैना रो नीर डटे कोनी, गुरु बिना ज्ञान मिले कोनी…..

भणत कमाल कबीरा तेरी वाणी, भणत कमाल कबीरा तेरी वाणी,
म्हारो मन सत्संग में जावे कोनी, गुरु बिना ज्ञान मिले कोनी……

स्रोत / लेखक: पारंपरिक · Claim credit

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