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कार्तिक कृष्ण द्वादशी

भक्तिरस – BhaktiRas

हम गुरू के प्यारे है

Hum Guru Ke Pyare Hai – Lyrics in Hindi

गुरुदेव अपडेट:

हम गुरू के प्यारे है – लिरिक्स

पाठ

हम गुरू के प्यारे है

इस दुनिया में हम भगतो के रंग निराले है,
हम गुरू के प्यारे है हम सतगुरु के प्यारे हैं,
सुनो जी हम प्रभु जी वाले है,
प्रभु के रंग निराले है,
हम सतगुरु के प्यारे हैं हम सतगुरु के प्यारे हैं…..

अपनी अपनी मस्ती में सब नाच रहे है दीवाने,
एसी मस्ती चडी है हम को हम तो हो गए मस्ताने,
प्रभु के दर पे आते है वो किस्मत वाले है,
हम गुरु के प्यारे हैं सतगुरु के प्यारे हैं,
प्रभु के रंग निराले है……

रूप गुरु का धार के आये, भक्तों का कल्याण किया,
जो इनके दर पर आए, उनको भव से है पार किया,
हम भगतो के इस दुनिया में, प्रभु रखवाले है,
हम गुरु के प्यारे हैं सतगुरु के प्यारे हैं,
प्रभु के रंग निराले है……

प्रभु का नाम बोले दिल के इक इक तार में,
दास दीवाने बन के नाचे इनके सोहने दरबार में,
दुनिया को जो खुशियाँ बांटे प्रभु दिल वाले है
हम गुरु के प्यारे हैं सतगुरु के प्यारे हैं,
प्रभु के रंग निराले है……

स्रोत / लेखक: पारंपरिक · Claim credit

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