मुख्य सामग्री पर जाएँ

कार्तिक कृष्ण द्वादशी

भक्तिरस – BhaktiRas

मेरे गुरु जी पत रखना सदा बचेया दी

Mere Guru Ji Pat Rakhna Sda Bacheya Di – Lyrics in Hindi

गुरुदेव अपडेट:

मेरे गुरु जी पत रखना सदा बचेया दी – लिरिक्स

पाठ

मेरे गुरु जी पत रखना सदा बचेया दी

मेरे गुरु जी पत रखना सदा बचेया दी,
भगता दी संगता दी तुसी जग दे वाली,
गुरु जी मेरे शिव अवतारी गुरु जी मेरे सच दे पुजारी,
गुरु जी मेरे भोले भंडारी,

गुरु दी शरण विच आओ भगतो,
चरना च शीश झुकाओ भगतो,
गुरु दी किरपा मिलदी नसीबा नाल,
सत्संग विच लाओ हाजरी गुरु जी करदे कल्याण,
गुरु जी मेरे शिव अवतारी गुरु जी मेरे सच दे पुजारी,

गुरु जी दे चाकर बन के रहिये,
गुरु जी तो सारी खुशियां लाइये,
गुरु जी दे दर ते आये जो भी सवाली,
भर देवे दाता झोलियाँ खाली,
गुरु जी मेरे शिव अवतारी गुरु जी मेरे सच दे पुजारी,

सब सृष्टि दा मालिक तू है,
बड़े मंदिर दा चालक तू है,
तेरा रविंदर शोभा करे दिन राती,
ओ ने दीपक मैं हां बाती,
गुरु जी मेरे शिव अवतारी गुरु जी मेरे सच दे पुजारी,

स्रोत / लेखक: पारंपरिक · Claim credit

WhatsApp Facebook

यह भी पढ़ें