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कार्तिक कृष्ण द्वादशी

भक्तिरस – BhaktiRas

सात समंदर लांघ के हनुमत लंकानगरी आ गए

Saat Samandar Langh Ke Hanumat Lankanagri Aa Gaye – Lyrics in Hindi

हनुमान अपडेट:

सात समंदर लांघ के हनुमत लंकानगरी आ गए – लिरिक्स

पाठ

सात समंदर लांघ के हनुमत लंकानगरी आ गए

सात समंदर लांघ के हनुमत लंकानगरी आ गए,
हनुमत लंकानगरी आ गए……

ऐसा किया कमाल देखकर लंकावासी डर गए,
सात समंदर लांघ के हनुमत लंकानगरी आ गए,
लँकापुर पहुंचे हनुमत जी, किया प्रभु का ध्यान,
मात सिया को खोजे पवनसुत लंका में अनजान,
असुरों संग बैठी मेरी माँ ये देख क्रोध में आ गए,
सात समंदर लांघ के हनुमत लंकानगरी आ गए……

राम निशानी लिए पवनसुत पहुंचे माँ के पास,
देख निशानी जनकनन्दिनी व्याकुल भई उदास,
हनुमत मेरे प्राण……
हनुमत मेरे प्राणनाथ को छोड़ कहाँ तुम आ गए,
सात समंदर लांघ के हनुमत लंकानगरी आ गए,
भूख लगी ले आज्ञा पवनसुत चले बगिया की और,
तोड़ तोड़ फल खाने लगे और फेंके चारों और,
देख तबा ही……

देख तबाही बगिया की रावण के सैनिक आ गए,
सात समंदर लांघ के हनुमत लंकानगरी आ गए,
बनाके बंदी रावण सन्मुख खूब किया अपमान,
सहन हुआ नही रावण से लगवा दी पूंछ में आग,
क्रोधित बजरंगी……

क्रोधित बजरंगी लंका में आग लगाके आ गए,
सात समंदर लांघ के हनुमत लंकानगरी आ गए,
सात समंदर लांघ के हनुमत लंकानगरी आ गए,
हनुमत लंकानगरी आ गए……

ऐसा किया कमाल देखकर लंकावासी डर गए,
सात समंदर लांघ के हनुमत लंकानगरी आ गए……

स्रोत / लेखक: पारंपरिक · Claim credit

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