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कार्तिक कृष्ण द्वादशी

भक्तिरस – BhaktiRas

मैया कबहुं बढ़ैगी चोटी।

Maiya Kabhahu Badhegi Choti – Lyrics in Hindi

कृष्ण जी अपडेट:
मैया कबहुं बढ़ैगी चोटी।

मैया कबहुं बढ़ैगी चोटी। – लिरिक्स

पाठ

मैया कबहुं बढ़ैगी चोटी।
किती बेर मोहि दूध पियत भइ यह अजहूं है छोटी॥
तू जो कहति बल की बेनी ज्यों ह्वै है लांबी मोटी।
काढ़त गुहत न्हवावत जैहै नागिन-सी भुई लोटी॥
काचो दूध पियावति पचि पचि देति न माखन रोटी।
सूरदास त्रिभुवन मनमोहन हरि हलधर की जोटी॥

स्रोत / लेखक: पारंपरिक · Claim credit

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