एक आस तुम्हारी है – लिरिक्स
पाठ
एक आस तुम्हारी है
एक आस तुम्हारी है,
विश्वास तुम्हारा है,
अब तेरे सिवा बाबा,
कहो कौन हमारा है,
एक आस तुम्हारी है,
विश्वास तुम्हारा है।।
फूलों में महक तुमसे,
तारों में चमक तुमसे,
मेरे बाबा…..,
”इतना बता दो कहा तुम नहीं हो,
ये सब को पता है की तुम हर कहीं हो,
अगर तुम ना होते तो दुनिया ना होती,
अँधेरा मिटाती है तेरी ही ज्योति,
अँधेरा मिटाती है तेरी ही ज्योति।”
फूलों में महक तुमसे,
तारों में चमक तुमसे,
बर्फो में शीतलता,
अग्नि में धधक तुमसे,
अग्नि में धधक तुमसे,
जिस ओर नज़र डालू,
तेरा ही नजारा है,
अब तेरे सिवा बाबा,
कहो कौन हमारा है।
एक आस तुम्हारी हैं,
विश्वास तुम्हारा है।।
मझधार में नैया है,
मजबूर खिवैया है,
कन्हैया…..,
”विश्वास मेरा ये टूटे ना प्यारे,
तुम्हीको लगानी है नैया किनारे,
चले आओ ढूंढो ना कोई बहाना
सोचो जरा है ये रिश्ता पुराना,
सोचो जरा है ये रिश्ता पुराना।“
मझधार में नैया है,
मजबूर खिवैया है,
नैया का खिवैया तो,
अब तू ही कन्हैया है,
अब तू ही कन्हैया है,
भव पार लगा बाबा,
मझधार किनारा है,
अब तेरे सिवा बाबा,
कहो कौन हमारा है।
एक आस तुम्हारी हैं,
विश्वास तुम्हारा है।।
इस तन में रमे हो तुम,
इस मन में रमे हो तुम,
ऐ मेरे बाबा….,
“तुझसे जुडी है मेरी हर कहानी,
तुम्ही दे रहे हो मुझे दाना पानी,
ये अहसान तेरा मैं कैसे चुकाऊं,
दिया है जो तूने मैं ना भूल पाऊं,
दिया है जो तूने मैं ना भूल पाऊं।“
इस तन में रमे हो तुम,
इस मन में रमे हो तुम,
मैं तुमको कहा ढूँढूँ,
इस दिल में बसे हो तुम,
इस दिल में बसे हो तुम,
घनश्याम दरस दे दो,
कोई ना हमारा है,
अब तेरे सिवा बाबा,
कहो कौन हमारा है।
एक आस तुम्हारी हैं,
विश्वास तुम्हारा है।।
एक आस तुम्हारी है,
विश्वास तुम्हारा है,
अब तेरे सिवा बाबा,
कहो कौन हमारा है,
एक आस तुम्हारी है,
स्रोत / लेखक: पारंपरिक · Claim credit
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