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कार्तिक कृष्ण द्वादशी

भक्तिरस – BhaktiRas

झुलत राधा संग

Jhulata Radha Samga – Lyrics in Hindi

कृष्ण जी अपडेट:
झुलत राधा संग

झुलत राधा संग – लिरिक्स

पाठ

झुलत राधा संग। गिरिधर झूलत राधा संग॥ध्रु०॥
अबिर गुलालकी धूम मचाई। भर पिचकारी रंग॥ गिरि०॥१॥
लाल भई बिंद्रावन जमुना। केशर चूवत रंग॥ गिरि०॥२॥
नाचत ताल आधार सुरभर। धिमी धिमी बाजे मृदंग॥ गिरि०॥३॥
मीराके प्रभु गिरिधर नागर। चरनकमलकू दंग॥ गिरि०॥४॥

स्रोत / लेखक: पारंपरिक · Claim credit

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