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कार्तिक कृष्ण द्वादशी

भक्तिरस – BhaktiRas

कब तुम मोसो पतित उधारो।

Kaba Tuma Moso Patita Udharo – Lyrics in Hindi

कृष्ण जी अपडेट:
कब तुम मोसो पतित उधारो।

कब तुम मोसो पतित उधारो। – लिरिक्स

पाठ

कब तुम मोसो पतित उधारो।
पतितनि में विख्यात पतित हौं पावन नाम तिहारो॥
बड़े पतित पासंगहु नाहीं, अजमिल कौन बिचारो।
भाजै नरक नाम सुनि मेरो, जमनि दियो हठि तारो॥
छुद्र पतित तुम तारि रमापति, जिय जु करौ जनि गारो।
सूर, पतित कों ठौर कहूं नहिं, है हरि नाम सहारो॥

स्रोत / लेखक: पारंपरिक · Claim credit

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