मुख्य सामग्री पर जाएँ

कार्तिक कृष्ण द्वादशी

भक्तिरस – BhaktiRas

लुट जाए ना बीच बाजार

Lut Jaye Na Beech Bazaar – Lyrics in Hindi

कृष्ण जी अपडेट:
लुट जाए ना बीच बाजार

लुट जाए ना बीच बाजार – लिरिक्स

पाठ

मेरे बाबा लखदातार मेरी लाज बचालो,
लुट जाए ना बीच बाजार, मेरी लाज बचा लो।

हारे के साथी हो तुम, मैं भी तो हारा हूं,
थाम लो कलाई मेरी ,मैं बेसहारा हूं,
मैं खड़ा बीच मझधार, मेरी लाज बचा ले……

लाज मेरी लुट गई तो कैसे मैं जी पाऊंगा,
कैसे किसी के आगे, अपना मुंह दिखाऊंगा,
जीना होगा दुश्वार,मेरी लाज बचा लो…….

टीनू मजबूर ठहरा आपसे है क्यो दूरी,
भूलो को भुला के मेरी, अब तो देदो मंजूरी,
मेरा करो परिवार मेरी लाज बचा लो…….
।

स्रोत / लेखक: पारंपरिक · Claim credit

WhatsApp Facebook