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कार्तिक कृष्ण द्वादशी

भक्तिरस – BhaktiRas

मईया मटकी फोड़ दी मेरी

Maiya Matki Fod Di Meri – Lyrics in Hindi

कृष्ण जी अपडेट:
मईया मटकी फोड़ दी मेरी

मईया मटकी फोड़ दी मेरी – लिरिक्स

पाठ

री मैया कान्हा ने समझा ले , मटकी फोड़ दी मेरी………….2
मटकी फोड़ दी मेरी , मटकी तोड़ दी मेरी………….2
यशोदा कान्हा ने समझा ले , मटकी फोड़ दी मेरी……..2

1 ) मैं तो पनिया भरन जब जाऊँ , मेरे पीछे-पीछे आवे………2
फिर अपनी गुलेल से कान्हा , मटकी पे निशाना लगावे………..2
मटकी पे निशाना लगावे , करता माखन की चोरी
यशोदा कान्हा ने समझा ले , मटकी फोड़ दी मेरी……..2

2 ) श्याम मुरली मधुर बजाए ,जब गईया चरावे जाए………….2
जमुना के किनारे कन्हैया , राधा संग रास रचावे……….2
राधा संग रास रचावे कान्हा , करता बरजोरी
यशोदा कान्हा ने समझा ले , मटकी फोड़ दी मेरी……..2

3 ) मेरे गिरधर मोहन प्यारे , बेबी लिखे भजन तुम्हारे………..2
जिया भी भजन सुनाए , और तेरी राह निहारे………2
और तेरी राह निहारे , दिल मेरा करता जो चोरी
यशोदा कान्हा ने समझा ले , मटकी फोड़ दी मेरी……..2

मटकी फोड़ दी मेरी , मटकी तोड़ दी मेरी………….2

यशोदा कान्हा ने समझा ले , मटकी फोड़ दी मेरी……..2

स्रोत / लेखक: पारंपरिक · Claim credit

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