मन चल रे वृन्दावन धाम – लिरिक्स
पाठ
मन चल रे वृन्दावन धाम
मन चल रे वृन्दावन धाम,
राधे राधे गाएंगे,
ओ राधे राधे गाएंगे,
राधे राधे गाएंगे,
तेरा कोड़ी लगे न च दाम,
राधे राधे गाएंगे ॥
वृन्दावन में बाँके बिहारी,
ओढ़ के बैठ्यो कांवलिया काली,
तुझे वही पे मिले विश्राम,
राधे राधे गाएंगे,
मन चल रे वृंदावन धाम,
राधे राधे गाएंगे ॥
वृन्दावन में यमुना किनारा,
निर्मल शीतल बहती है धारा,
तुझे मिल जाये श्यामा श्याम,
राधे राधे गाएंगे,
मन चल रे वृंदावन धाम,
राधे राधे गाएंगे ॥
श्री निधिवन की शोभा है न्यारी,
हरिदास जु के बांके बिहारी,
तेरे बन जाये बिगड़े काम,
राधे राधे गाएंगे,
मन चल रे वृंदावन धाम,
राधे राधे गाएंगे ॥
पागल का पागलपन देखो,
प्रभु की खातिर तन मन देखो,
देखो बरसानो और नंदगाँव,
राधे राधे गाएंगे,
मन चल रे वृंदावन धाम,
राधे राधे गाएंगे ॥
मन चल रे वृन्दावन धाम,
राधे राधे गाएंगे,
ओ राधे राधे गाएंगे,
राधे राधे गाएंगे,
तेरा कोड़ी लगे न च दाम,
राधे राधे गाएंगे ॥
स्रोत / लेखक: पारंपरिक · Claim credit
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