राधा का प्यार हो तुम – लिरिक्स
पाठ
राधा का प्यार हो तुम
क्यों तू राधा मुस्कुरा के खड़ी है
अखियां क्या तेरी मोहन से जा लड़ी है
क्यों तू राधा मुस्कुरा के खड़ी है
अखियां क्या तेरी मोहन से जा लड़ी है
छीन ले रे क्यों नैनो से मेरे प्राण
राधा के दिल में मोहन की बस्ती जान
बंसी बजावे रस रचावे गोपियों के साथ
मोहन क्यों तेरी मुरली मोहे सुने अब दिन रात
सारे जग से जीत जाऊं मांगू तेरे आगे हार
राधा का प्यार हो तुम प्यार
राधा का प्यार हो तुम प्यार
तुम ही मेरा श्रृंगार
राधा का प्यार हो तुम प्यार
हो वृंदावन में झूमे गावे
गोपियों के संग रास रचावे
आजा मोहन अखियां दरसन को तरसी
प्रेम की बारिश है ब्रज में आज बरसी
वृंदावन में यह झूमे गावे
गोपियों के संग रास रचावे
नजरों में बसते हो तुम कन्हैया
मार ही डालते जब हंसते हो कन्हैया
देखे बिन तुझको चैन ना आवे
कमरिया पर बंसी जब कसते हो कन्हैया
मुस्कनिया के आगे तेरे सारे गम है पार
कैसे बताऊं छलिया मोहे तुझ से कितना प्यार
सारे जग से जीत जाऊं मांगू तेरे आगे हार
राधा का प्यार हो तुम प्यार
राधा का प्यार हो तुम प्यार
तुम ही मेरा श्रृंगार
राधा का प्यार हो तुम प्यार
हो जिसके आगे मैं विवश वो तुम हो राधा
होगी पहचान मेरी तुमसे ही ये वादा
एक ही हैं हम दो कहां हैं
नाम जहां कृष्ण का वहां राधा सदा है
तेरे लिए मैं ले लूंगा इक जन्म सौ बार
यह भी गर कम पड़े तो ले लूं मैं हजार
सारे जग से जीत जाऊं मांगू तेरे आगे हार
कान्हा का प्यार हो तुम प्यार
कान्हा का प्यार हो तुम प्यार
तुम ही मेरा श्रृंगार
हो कान्हा का प्यार हो तुम प्यार
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