श्याम नित ना बजाया करो बंसरी – लिरिक्स
पाठ
श्याम नित ना बजाया करो बंसरी,
कि करों सानु मार पैंदी ऐ, मनमोहना….
तेरी बंसरी ऐ रंग बींरंगी,
ते उते हिरे मोती जड़े ने, मनमोहना,
श्याम नित ना बजाया करो……
तेरी तोर है मोरां वरगी,
कि मुख तेरा चन वरगा, मनमोहना,
श्याम नित ना बजाया करो……
तेरी बंसरी नु लै जान चोर वे,
कि जिने साडा दिल लुटेया, मनमोहना,
श्याम नित ना बजाया करो……
तेरी बंसरी दा दोष ना कोई,
कि दोष साडी अखियां दा, मनमोहना,
श्याम नित ना बजाया करो…….
स्रोत / लेखक: पारंपरिक · Claim credit