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कार्तिक कृष्ण द्वादशी

भक्तिरस – BhaktiRas

ओ मैया तैने का ठानी मन में

O Maiya Tene Ka Thani Man Mein – Lyrics in Hindi

भजन अपडेट:

ओ मैया तैने का ठानी मन में – लिरिक्स

पाठ

ओ मैया तैने का ठानी मन में

ओ मैया तैने का ठानी मन में,
राम-सिया भेज दये री बन में,
दीवानी तैने का ठानी मन में,
राम-सिया भेज दये री बन में।।

जदपि भरत तेरो ही जायो,
तेरी करनी देख लजायो,
अपनों पद तैने आप गँवायो,
भरत की नजरन में,
राम-सिया भेज दये री बन में,
हठीली तैने का ठानी मन में,
राम-सिया भेज दये री बन में।।

मेहल छोड़ वहाँ नहीं रे मड़ैया,
सिया सुकुमारी,संग दोउ भईया,
काहू वृक्ष तर भीजत होंगे,
तीनों मेहन में,
राम-सिया भेज दये री वन में,
दीवानी तैने का ठानी मन में,
राम-सिया भेज दये री बन में।।

कौशल्या की छिन गयी बानी,
रोय ना सकी उर्मिल दीवानी,
कैकेयी तू बस एक ही रानी,
रह गयी महलन में,
राम-सिय भेज दये री बन में।।

ओ मईया तैने का ठानी मन में,
राम-सिया भेज दये री बन में,
दीवानी तैने का ठानी मन में,
राम-सिया भेज दये री बन में।।

स्रोत / लेखक: पारंपरिक · Claim credit

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