Shambhu Sharne Padi- शम्भू शरणे पड़ी – शिवजी की स्तुति

भगवान भोले नाथ के भक शिव स्तुति( Shambhu Sharne Padi )  के चाहक होते है। वैसे शिव स्तुति हरेक शिव मंदिर में गायी जाती है। सावन मास में शिव मंदिर शिव स्तुति से गूंज उठते है। पूरी सृष्टि शिवमय बन जाती है।

शिवालयों में जल से अभिषेक किया जाता है। बिल्व पत्र चढ़ाया जाता है। लघु रूद्र, महारुद्र, अतिरुद्र का पठन किया जाता है। पर शिव स्तुति का महत्व बेहद खास है। शिवजी के भक्त अपने भगवन को प्रसन्न करने के लिए shiv Stuti का पाठ जरूर करते है।

शिव स्तुति में भगवन भोले नाथ के रूप का वर्णन है। उनके द्वारा भक्तो पे हो रही कृपा का वर्णन है। भक्त देवो के देव महादेव के दर्शन की याचना कर रहे है।

 

 

शिव स्तुति हिंदी- Shiv Stuti Hindi

 

 

Shambhu Sharne Padi

ॐ नमः शिवाय 

Shambhu Sharne Padi – Shiv Stuti in Hindi

शिव स्तुति शंभू शरणे पड़ी,

मांगू घड़ी रे घडी कस्ट कापो।

दया करि दर्शन शिव आपो।

 

तमे भक्तो ना दुःख हरनारा,

शुभ सौनू सदा करनारा।

हु तो मंद मति,

तारी अकळ गति कस्ट कापो।

दया करि दर्शन  शिव आपो।

 

अंगे भस्म स्मशाननि चोरि,

संगे रखो सदा भुत टोळी।

भाले तिलक कर्यु,

कंठे विष धर्युं अमृत आपो।

दया करि दर्शन शिव आपो।

 

नेति नेति ज्या वेद कहे छे,

मरू मुखदु तय जावा चाहे छे।

सारा जग मा छे तू,

वसु तारा माँ हु शक्ति आपो ।।

दया करि दर्शन शिव आपो।

 

हु तो एकल पंथी प्रवासी,

छता आत्मा केम उदासी।

थाक्यो मथि रे मथि,

कारण जड़तु नथी कस्ट कापो।

दया करि दर्शन शिव आपो।

 

आपो दृस्टि माँ तेज अनोखू,

सारी सृस्टि माँ शिव रूप देखु।

मारा मनमा वशो,

हैये आवि वशो शांति स्थापो।

दया करि दर्शन शिव आपो।

 

भोळा शंकर भव दुःख कापो,

नित्य सेवा नु शुभ धन आपो।

ताळो मान मदा,

गाळो गर्वे सदा शक्ति आपो।

दया करि दर्शन शिव आपो।

 

अंगे शोभे छे रुद्र नई माळा,

कंठे लटके छे भोरिंग काला।

तमे उमिया पति,

अमने आपो मति कस्ट कापो।

दया करि दर्शन शिव आपो।

 

शंभू शरणे पड़ी मांगू घडी रे घडी कस्ट कपो।

दया करि दर्शन शिव आपो ।

 

શિવ સ્તુતિ ગુજરાતી- Shiv Stuti  in Gujrati

 

શંભુ શરણે પડી માંગુ ઘડી રે ઘડી કષ્ટ કાપો .

દયા કરી દર્શન શિવ આપો.

 

તમો ભક્તો ના દુઃખ હરનારા,

સુખ સૌનું સદા કરનારા .

હું તો મંદ મતિ તારી અકળ ગતિ કષ્ટ કાપો .

દયા કરી દર્શન શિવ આપો.

 

અંગે ભસ્મ સ્મશાનની ચોળી,

સંગે રાખો સદા ભૂત ટોળી .

ભાલે તિલક કર્યું કંઠે વિષ ધર્યું અમૃત આપો .

દયા કરી દર્શન શિવ આપો.

 

નેતિ નેતિ જ્યાં વેદ વહે છે,

મારુ મુખડું ત્યાં જાવા ચાહે છે.

સારા જગમાં છે તું, વશુ તારામાં હું શક્તિ આપો .

દયા કરી દર્શન શિવ આપો.

 

હું તો એકલ પંથ પ્રવાસી,

છતાં આત્મા કેમ ઉદાસી .

થાક્યો મથી રે મથી કારણ જડતું નથી સમજણ આપો

દયા કરી દર્શન શિવ આપો.

 

આપો દ્રષ્ટિ માં તેજ અનોખું,

સારી સૃષ્ટિ માં શિવ રૂપ દેખું .

મારા મનમાં વશો હૈયે આવી વશો શાંતિ સ્થાપો .

દયા કરી દર્શન શિવ આપો.

 

ભોળા શંકર ભવદુઃખ કાપો,

નિત્ય સેવા નું શુભ ફળ આપો .

ટાળો માનમદા ગાળો ગર્વ સદા શક્તિ આપો .

દયા કરી દર્શન શિવ આપો.

 

અંગે શોભે છે રુદ્ર ની માળા,

કંઠે લટકે છે ભોરિંગ કારા .

તમે ઉમિયા પતિ અમને આપો મતિ કષ્ટ કાપો .

દયા કરી દર્શન શિવ આપો.

 

શંભુ શરણે પડી માંગુ ઘડી રે ઘડી કષ્ટ કાપો

દયા કરી દર્શન શિવ આપો.

 

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Shambhu Sharne Padi शिव की ये स्तुति सुबह साम शिवालयों में गायी जाती है। भक्त भगवान शिव में लीन हो जाता है। और दर्शन देने की प्रार्था करता है। भगवान भोले नाथ सभी की मनोकामना पूर्ण करते है।

भगवन शिव की आराधना करने के लिए शिव स्तुति को उत्तम माना जाता है। एकाग्र मन और एकचित से भगवान शिव की स्तुति से शिवजी हर मनोकामना पूर्ण करते है। 

 

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