एहना अखियाँ नू मईया दा दीदार हो गया – लिरिक्स
पाठ
एहना अखियाँ नू मईया दा दीदार हो गया,
पार हो गया जी बेड़ा पार हो गया जी…..
ज्योता जगदिया दे विचो नूरो नूर वेख्या,
मीह रेहमता दा पैंदा भरपूर वेख्या,
मेरा तपदा कलेजा ठंडा ठार हो गया,
पार हो गया जी बेड़ा पार हो गया जी,
एहना अखियाँ नू मईया दा दीदार हो गया…….
तेरे वारे जावा किती मेहरबानी मेरे उत्ते,
अज्ज पला च जगाये मेरे लेख सी जो सुत्ते,
मेरा रोम रोम तेरा कर्ज़दार हो गया,
पार हो गया जी बेड़ा पार हो गया जी,
एहना अखियाँ नू मईया दा दीदार हो गया…….
होर मंगा की मईया तो बाकी कुझ ना रेहा,
सारे जग दा खजाना मेरी झोली पै गया,
माँ दा नाती ‘गोनिआना’ ता बेदार हो गया,
पार हो गया जी बेड़ा पार हो गया जी,
एहना अखियाँ नू मईया दा दीदार हो गया…….
स्रोत / लेखक: पारंपरिक · Claim credit
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